माँ पंचबहिनी मंदिर, रामगढ़ के पतरातू प्रखंड के लबगा गांव में स्थित है और इसका इतिहास लगभग पांच दशक पुराना है। यह मंदिर 1965 में विधि-विधान से स्थापित किया गया था और तब से यहां श्रद्धालुओं की आस्था की अनुभूति होती रही है। यह मंदिर विशेष रूप से विवाह कराने के लिए प्रसिद्ध है, जहां […]
शिव मंदिर टूटी झरना, रामगढ़, झारखंड में स्थित एक प्राचीन और रहस्यमयी धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की खोज वर्ष 1925 में ब्रिटिश काल के दौरान हुई थी, जब ब्रिटिश इंजीनियर रामगढ़ जिले में रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहे थे। खनन के दौरान मिट्टी के नीचे मंदिर का गुंबद मिला और स्थानीय लोगों […]
निम्मी झरना, रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के भुरकुंडा क्षेत्र में स्थित एक मनमोहक जलप्रपात है। यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और शांत वातावरण के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। निम्मी झरना पहाड़ों की तलहटी और मनोरम वादियों के बीच बसा है, जो सैलानियों को बराबर अपनी ओर खींचता है। इस स्थल पर […]
पलानी जलप्रपात (Palani Waterfall) रामगढ़ जिले के पतरातू ब्लॉक के पलानी गांव में स्थित है, जो पतरातू डैम से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। यह जलप्रपात तीन ओर से हरे-भरे जंगलों और पहाड़ियों से घिरा है, जिससे यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और वातावरण बेहद आकर्षक बन जाता है। पलानी जलप्रपात हाल-फिलहाल पर्यटन स्थल […]
भैरवी डैम का निर्माण 1960 के दशक में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई और जल आपूर्ति था। इसे भैरवी नदी पर बनाया गया है, जो दामोदर नदी की एक सहायक नदी है। प्रारंभिक योजना के अनुसार यह डैम तीन प्रखण्ड दुलमी, गोला और चितरपुर के किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान करने के लिए […]
प्राचीन शिव मंदिर कैथा, रामगढ़, झारखंड का एक ऐतिहासिक और अद्भुत धार्मिक स्थल है, जो रामगढ़ शहर से लगभग 3 किलोमीटर दूर एनएच 23 के किनारे स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां दो शिवलिंगों की एक साथ पूजा की जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यह मंदिर लगभग 350 वर्ष […]
महामाया मंदिर, मया टुंगरी रामगढ़, झारखंड का एक ऐतिहासिक और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो लगभग 1100 फीट ऊंची टुंगरी पहाड़ी पर स्थित है.इस मंदिर में मां महामाया की पूजा होती है, जिनके बारे में स्थानीय मान्यता है कि वे शक्तिशाली देवी हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। महामाया मंदिर लगभग 250-300 […]
यह मंदिर, रामगढ़ से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर भैरवी एवं दामोदर नदियों के संगम स्थल पर स्थित है। यह प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर प्राचीन वेदों एवं पुराणों में वर्णित एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ माना जाता है तथा इसे दिव्य शक्ति एवं आस्था का प्राचीन एवं सशक्त केंद्र माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो […]
रामगढ़ के पश्चिम में 30 किमी इस बांध का निर्माण पतरुत थर्मल पावर स्टेशन को पानी की आपूर्ति के उद्देश्य से किया गया था। नलकार्नी नदी से और इस बांध के आस-पास की पहाड़ियों के झरने से पानी इस बांध में जमा किया जाता है। इस बांध की कुल भंडारण क्षमता 81 वर्ग मील है। […]